Bhor ko jago Yeshu naam se

भोर को जागो यीषु नाम से
दिन गुजारो यीषु नाम से
सांझ को जब आखे बंद कर लू
तब भी लूं यीषु नाम मै 2

1 गर करने लगा उसके प्यार का
अपने मुख से मै बयां 2
कागज तो क्या स्याही भी
षब्द भी पड जायेगा कम
2 मसीहा के कोडे़ खाने से
मैने षिफा को पा लिया
उसके लहू के बह जाने से
नवजीवन को पा लिया
3 दया का वो सागर है गहरा
मै जयवंत हॅू न्याय पर
उसके प्रेम से भर जाता हॅू
और करता हॅू उसका भजन

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