GUZRI ZINDAGI KO JAB MAI (गुजरी जिंदगी को जब मैं)

GUZRI ZINDAGI KO JAB MAI 

गुजरी जिंदगी को जब मैं

 

  गुजरी जिंदगी को जब मैं याद करता हूँ

  आसुओ के साथ तुझें धन्य कहता हूँ ……….[ २ ]

  अब्बा तेरी जय हो, राजा  तेरी जय हो………[ २ ]

१. मैं अनाथ भटका और खोया हुआ था ……….[२ ]

  न रोना कहके मुझें गले लगाया ………….[ २ ]

२. सारे विरोधियों को करके दुर ………..[ २ ]

  हर समय स्तुति से रखता भरपूर ………[ २ ]

३. तकलीफ सहने की शक्ति तूने दी ……….[ २ ]

   जीवन की शुद्धता में रह कमाई की ………[ २ ]

४. रोज – रोज भोजन से तृप्त किया है ……..[ २ ]

   रोज – रोज तन को मेरे तूने ढका है ………[२ ]

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