Yeshu Ka Naam Sukhdai

यीशु का नाम सुखदाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का

यीशु का नाम सुखदाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का

ये जीवन है, माटी का पुतला,

ये जीवन है, माटी का पुतला,

पानी लगत घुल जाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का

यीशु का नाम सुखदाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का

ये जीवन है, चंदन की लकड़ी,

ये जीवन है, चंदन की लकड़ी,

आग लगत जल जाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का
यीशु का नाम सुखदाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का

ये जीवन है, घास का तिनका,

ये जीवन है, घास का तिनका,

धूप लगत मुरझाई,

भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का
यीशु का नाम सुखदाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का

ये जीवन है, कागज की पुड़िया,

ये जीवन है, कागज की पुड़िया,

हवा चलत उड़ जाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का

यीशु का नाम सुखदाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का

यीशु का नाम सुखदाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का

यीशु का नाम सुखदाई,
भजन करो भाई,
ये जीवन दो दिन का

Yeshu Ka Naam Sukhdai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Yeshu Ka Naam Sukhdai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Ye Jeevan Hai, Maati Ka Putla

Ye Jeevan Hai, Maati Ka Putla

Paani Lagat Ghul Jaai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Yeshu Ka Naam Sukhdai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Ye Jeevan Hai, Chandan Ki Lakdi

Ye Jeevan Hai, Chandan Ki Lakdi

Aag Lagat Jal Jaai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Yeshu Ka Naam Sukhdai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Ye Jeevan Hai, Ghaas Ka Tinka

​Ye Jeevan Hai, Ghaas Ka Tinka

Dhoop Lagat Murjhai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Yeshu Ka Naam Sukhdai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Ye Jeevan Hai, Kaagaz Ki Pudiya

Ye Jeevan Hai, Kaagaz Ki Pudiya

Hawaa Chalat Ud Jaai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Yeshu Ka Naam Sukhdai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Yeshu Ka Naam Sukhdai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Yeshu Ka Naam Sukhdai

Bhajan Karo Bhai

Yeh Jeevan Do Din Ka

Bhor ko jago Yeshu naam se

भोर को जागो यीषु नाम से
दिन गुजारो यीषु नाम से
सांझ को जब आखे बंद कर लू
तब भी लूं यीषु नाम मै 2

1 गर करने लगा उसके प्यार का
अपने मुख से मै बयां 2
कागज तो क्या स्याही भी
षब्द भी पड जायेगा कम
2 मसीहा के कोडे़ खाने से
मैने षिफा को पा लिया
उसके लहू के बह जाने से
नवजीवन को पा लिया
3 दया का वो सागर है गहरा
मै जयवंत हॅू न्याय पर
उसके प्रेम से भर जाता हॅू
और करता हॅू उसका भजन